eSIM क्या है? आसान भाषा में
eSIM आपके फ़ोन के अंदर लगी एक छोटी चिप है, जो प्लास्टिक SIM का काम करती है। फ़र्क बस इतना है कि इसमें कुछ डालना या निकालना नहीं पड़ता: प्लान इंटरनेट से डाउनलोड होकर फ़ोन में जुड़ जाता है। विदेश जाने वालों के लिए इसका सबसे बड़ा फ़ायदा यह है कि आपका भारतीय SIM फ़ोन में ही रहता है और eSIM सिर्फ़ डेटा संभालती है।
eSIM असल में होती क्या है?
"e" का मतलब है embedded, यानी फ़ोन में पहले से लगी हुई। आम SIM एक कार्ड होता है, जिसे दुकान से लेकर ट्रे में लगाया जाता है। eSIM में यह कार्ड नहीं होता। मोबाइल प्लान की जानकारी एक QR कोड या इंस्टॉल लिंक के ज़रिए सीधे फ़ोन की चिप पर आ जाती है।
नेटवर्क के हिसाब से दोनों में कोई फ़र्क नहीं है। सिग्नल और स्पीड उस देश के लोकल नेटवर्क पर निर्भर करते हैं, इस पर नहीं कि प्लान कार्ड पर है या चिप पर।
यात्रा में eSIM कैसे काम आती है?
मान लीजिए आप पाँच दिन के लिए दुबई जा रहे हैं। पहले के तरीके में आप या तो रोमिंग पैक लेते, या एयरपोर्ट पर लाइन में लगकर लोकल SIM खरीदते और अपना भारतीय SIM कहीं संभालकर रखते। eSIM के साथ तरीका यह है:
- घर पर बैठकर अपनी मंज़िल का प्लान चुनें, जैसे UAE, थाईलैंड या सिंगापुर।
- Apple Pay, Google Pay या कार्ड से पेमेंट करें। अलग से कोई फ़ॉर्म नहीं भरना पड़ता।
- घर के Wi-Fi पर ही eSIM इंस्टॉल कर लें। iPhone पर एक लिंक टैप करना काफ़ी है, बाकी फ़ोन पर QR कोड स्कैन करें।
- प्लेन लैंड होते ही फ़ोन लोकल नेटवर्क से जुड़ जाता है और डेटा चलने लगता है।
पूरा तरीका कदम-दर-कदम सफ़र में eSIM कैसे चलती है में समझाया गया है।
आपका भारतीय नंबर कहाँ जाता है?
कहीं नहीं। ज़्यादातर eSIM वाले फ़ोन में एक फ़िज़िकल SIM और एक eSIM साथ-साथ चल सकते हैं। आपका भारतीय SIM फ़ोन में ही रहता है, ताकि बैंक के OTP और ज़रूरी SMS आ सकें। विदेश में ये SMS आम तौर पर तभी आते हैं जब आपके नंबर पर इंटरनेशनल रोमिंग चालू हो, इसलिए जाने से पहले अपने ऑपरेटर से पक्का कर लें। eSIM सिर्फ़ इंटरनेट देती है। WhatsApp भी आपके भारतीय नंबर पर ही चलता रहता है, बस उसका डेटा eSIM से आता है। इसके बारे में विस्तार से अपना नंबर और WhatsApp कैसे रखें में पढ़ें।
किन बातों का ध्यान रखें
- फ़ोन eSIM वाला हो: iPhone XS/XR और उसके बाद के मॉडल, Pixel 3 और नए, Galaxy S20 और नए, और 2020 के बाद के ज़्यादातर फ़्लैगशिप फ़ोन। कई सस्ते और मिड-रेंज फ़ोन में eSIM नहीं होती, इसलिए पहले अपना फ़ोन जाँच लें।
- फ़ोन अनलॉक हो: यानी किसी एक ऑपरेटर से बंधा न हो।
- प्लान ज़्यादातर सिर्फ़ डेटा का होता है: कॉल के लिए WhatsApp, FaceTime जैसे ऐप इस्तेमाल करें। ध्यान रहे, कुछ देशों में, जैसे UAE में, इंटरनेट कॉल पर पाबंदियाँ रही हैं, इसलिए वहाँ इन कॉल पर पूरी तरह भरोसा न करें।
कितना डेटा चाहिए?
हमारा सीधा हिसाब: सिर्फ़ मैप और मैसेज के लिए रोज़ लगभग 0.2 GB, सोशल मीडिया और फ़ोटो के लिए 0.5 GB, और वीडियो स्ट्रीमिंग या हॉटस्पॉट के लिए 1.3 GB। ऊपर से 15% गुंजाइश जोड़ लें। उदाहरण: दुबई में 5 दिन, Instagram और मैप के साथ, यानी 5 × 0.5 = 2.5 GB, गुंजाइश मिलाकर लगभग 2.9 GB।
क्या यह भरोसेमंद है?
हाँ। प्लान प्रीपेड है, कुछ अपने आप रिन्यू नहीं होता, और अगर eSIM कभी किसी नेटवर्क से जुड़ी ही नहीं, तो पूरा पैसा वापस मिलता है। सुरक्षा के बारे में क्या eSIM सुरक्षित है में और जानें।
तैयार हैं? सभी देशों और रीजन के प्लान यहाँ देखें, या सीधे यूरोप का प्लान देखें।
सवाल
क्या eSIM और नैनो SIM एक ही चीज़ हैं?
नहीं। नैनो SIM एक छोटा प्लास्टिक कार्ड है जिसे फ़ोन में डाला जाता है। eSIM फ़ोन के अंदर पहले से लगी एक चिप है, जिस पर प्लान डिजिटल तरीके से डाउनलोड होता है।
क्या eSIM लेने के लिए नया कनेक्शन या कॉन्ट्रैक्ट चाहिए?
नहीं। ट्रैवल eSIM एक प्रीपेड डेटा प्लान है। आपका भारत वाला कनेक्शन जैसा है वैसा रहता है, और कुछ भी अपने आप रिन्यू नहीं होता।
वैलिडिटी कब से शुरू होती है?
जब आपका फ़ोन मंज़िल वाले देश में पहली बार किसी नेटवर्क से जुड़ता है, तभी से। इसलिए यात्रा से कुछ दिन पहले इंस्टॉल करने पर दिन बर्बाद नहीं होते।
क्या ट्रैवल eSIM से कॉल कर सकते हैं?
ज़्यादातर प्लान सिर्फ़ डेटा के होते हैं। WhatsApp या FaceTime जैसे ऐप से कॉल कर सकते हैं, लेकिन कुछ देशों में, जैसे UAE में, इंटरनेट कॉल पर पाबंदियाँ रही हैं। अमेरिका और ब्रिटेन के कुछ प्लान में लोकल नंबर भी मिलता है।